दिल्ली: घर की मेड ही निकली मास्टरमाइंड, ननद के साथ मिलकर मालिक के घर डाली फर्जी ‘ED’ की रेड

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नई दिल्ली: दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के पॉश इलाके न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी (NFC) में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ एक घरेलू सहायिका (मेड) ने ही अपने मालिक के घर पर फर्जी ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) की छापेमारी की साजिश रच डाली। दिल्ली पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए 24 घंटे के भीतर मुख्य साजिशकर्ता मेड और उसकी ननद को गिरफ्तार कर लिया है।

वर्दी, पिस्तौल और फर्जी आईडी के साथ फिल्मी अंदाज में लूट

पुलिस के अनुसार, घटना 11 फरवरी की सुबह की है। न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी स्थित घर में पुलिस की वर्दी पहने तीन अज्ञात लोग जबरन घुस आए। उन्होंने खुद को प्रवर्तन निदेशालय (ED) का अधिकारी बताया। आरोपियों ने परिवार को डरा-धमकाकर उनके मोबाइल छीन लिए और उन्हें बंधक बना लिया। गिरफ्तारी का डर दिखाकर आरोपियों ने करीब 3-4 लाख रुपये नकद लूट लिए और फरार हो गए।

सीसीटीवी और तकनीक से सुलझी गुत्थी

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीपी (NFC) रवि शंकर और थाना प्रभारी राजेंद्र कुमार जैन के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने इलाके के करीब 350 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। संदिग्ध कार का पीछा करते हुए पुलिस गाजियाबाद के वैशाली (सेक्टर-4) तक पहुँची। तकनीकी सर्विलांस और खुफिया जानकारी की मदद से पुलिस ने दो महिलाओं को दबोच लिया।

गिरफ्तार आरोपियों का विवरण:

  1. रेखा देवी (40 वर्ष): शिकायतकर्ता के घर में काम करने वाली मेड। वह इस पूरी साजिश की मास्टरमाइंड है।
  2. पूजा राजपूत (45 वर्ष): रेखा देवी की ननद।

मेड ने क्यों रची साजिश?

पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि मालिक बुजुर्ग थे और अक्सर घर में अकेले रहते थे। रेखा को लगा कि उन्हें डराकर पैसे हड़पना सबसे आसान तरीका है। उसने अपनी ननद पूजा, ननद के पति प्रकाश (जो ITBP में कांस्टेबल है), भतीजे और देवर के साथ मिलकर इस डकैती की योजना बनाई।

बरामदगी:

पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल सामान बरामद किया है:

  • आईटीबीपी (ITBP) के डिप्टी कमांडेंट की वर्दी और फर्जी आईडी कार्ड।
  • एक पिस्तौल (जिसका लाइसेंस 2019 में समाप्त हो चुका था)।
  • एक वायरलेस सेट बॉक्स।
  • घर से लूटी गई 7 कीमती घड़ियाँ और आभूषण।

बाकी आरोपियों की तलाश जारी

पुलिस ने रेखा और पूजा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। हालांकि, इस साजिश में शामिल अन्य आरोपी—प्रकाश कुमार, मनीष और उपदेश सिंह—अभी भी फरार हैं। पुलिस की टीमें उनकी गिरफ्तारी और शेष नकदी बरामद करने के लिए लगातार छापेमारी कर रही हैं।

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