राहुल गाँधी ने कहा है कि यह सिर्फ एक अख़बार की नहीं, पूरे लोकतंत्र की आवाज़ दबाने की एक और साज़िश है। उन्होंने कहा कि देश न डंडे से चलेगा, न डर से-भारत चलेगा सच और संविधान से।
गुजरात मीडिया में उस वक़्त हड़कम्प मच गया जब ईडी ने गुजरात के टॉप अखबार गुजरात समाचार के परिसरों में छापेमारी कर उसके मालिकों में से एक मालिक बाहुबली शाह को गिरफ्तार कर लिया। बाहुबली शाह के भाई श्रेयांश को लेकर भी चर्चाएं थीं कि उन्हें अरेस्ट किया गया है लेकिन खबर है कि वह बाहर हैं।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार को प्रमुख गुजराती समाचार पत्र ‘गुजरात समाचार’ के परिसरों पर छापेमारी के बाद उसके मालिकों में से एक बाहुबली शाह को हिरासत में ले लिया। बाहुबली शाह ‘लोक प्रकाशन लिमिटेड’ के निदेशकों में से एक हैं, जिसके पास गुजरात समाचार का मालिकाना हक़ है। बाहुबाली शाह की गिरफ्तारी की खबर फैलते ही इस पर सवाल उठने लगे हैं।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष नेता राहुल गांधी ने ‘गुजरात समाचार’ अखबार के मालिकों में से एक बाहुबली शाह को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा गिरफ्तार किए जाने की आलोचना करते हुए शुक्रवार को कहा कि यह सिर्फ एक अख़बार की नहीं, पूरे लोकतंत्र की आवाज़ दबाने की एक और साज़िश है।उन्होंने कहा कि देश न डंडे से चलेगा, न डर से-भारत चलेगा सच और संविधान से।

राहुल गांधी ने भी ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘गुजरात समाचार को खामोश करने की कोशिश सिर्फ एक अख़बार की नहीं, पूरे लोकतंत्र की आवाज़ दबाने की एक और साज़िश है। जब सत्ता को आईना दिखाने वाले अख़बारों पर ताले लगाए जाते हैं, तब समझ लीजिए लोकतंत्र खतरे में है।’’ उन्होंने कहा कि बाहुबली शाह की गिरफ्तारी डर की उसी राजनीति का हिस्सा है, जो अब मोदी सरकार की पहचान बन चुकी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश न डंडे से चलेगा, न डर से – भारत चलेगा सच और संविधान से।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘मोदी जी ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा था कि आलोचना लोकतंत्र की आत्मा होती है। ‘गुजरात समाचार’ के 93 वर्षीय संस्थापक बाहुबली भाई शाह जी को ईडी से गिरफ़्तार करवाकर मोदी जी ने सिद्ध किया है कि आलोचकों को गिरफ्तार कराना डरे हुए तानाशाह की पहली निशानी है।’’ उन्होंने कहा कि जिसने भी इस सरकार के खिलाफ़ आवाज़ उठाई और जिसने बीजेपी से समझौता नहीं किया, उसको जेल जाना पड़ेगा। उन्होंने कहा, ‘‘सरकार द्वारा स्वतंत्र मीडिया पर दबाव बनाकर, अपने हक़ में इस्तेमाल करना लोकतंत्र के लिए घातक है।’’
बतादें कि गुजरात समाचार काफी समय से भाजपा व पीएम मोदी को लेकर आलोचनात्मक खबरें कर रहा था। अखबार के इस तेवर को लेकर डबल इंजन सरकार खुश नहीं थी।
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