नई दिल्ली: जामिया मिल्लिया इस्लामिया के यूनानी चिकित्सा एवं संबद्ध विज्ञान विभाग ने 25 सितंबर 2025 को विश्व फार्मासिस्ट दिवस मनाया। डीडीयू कौशल केंद्र सेमिनार हॉल में दोपहर 2:30 से शाम 4:30 बजे तक चले इस कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने स्वास्थ्य सेवा में फार्मासिस्टों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम की शुरुआत
समारोह की शुरुआत पवित्र कुरान के तिलावत और जामिया तराने के साथ हुई। विभाग के कार्यवाहक निदेशक प्रो. सैयद नकी काज़िम ने स्वागत भाषण में फार्मासिस्टों के योगदान को रेखांकित किया और बताया कि स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में उनकी भूमिका कितनी अहम है।
विशेषज्ञों के ज्ञानवर्धक व्याख्यान
कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण रहे दो महत्वपूर्ण व्याख्यान। पहले सत्र में प्रो. मोहम्मद इदरीस, जो आयुर्वेदिक एवं यूनानी तिब्बिया कॉलेज करोल बाग के पूर्व प्राचार्य रह चुके हैं, ने आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं में फार्मासिस्टों की बदलती भूमिका पर विस्तार से चर्चा की।
दूसरे व्याख्यान में डॉ. सैयद असद रज़ा ज़ैदी, जो सीजीएचएस के पूर्व सीएमओ रहे हैं, ने यूनानी चिकित्सा पद्धति में फार्मेसी के महत्वपूर्ण योगदान को उजागर किया।
छात्रों की सक्रिय भागीदारी
व्याख्यानों के बाद आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र में छात्रों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। उन्होंने अपनी जिज्ञासाओं को साझा किया और फार्मेसी के क्षेत्र में करियर से जुड़े सवाल पूछे। इसके अलावा, विभिन्न गतिविधियों में छात्रों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
संकाय सदस्यों का सहयोग
कार्यक्रम की सफलता में डॉ. सलमा बी, डॉ. फौज़िया याकूब और डॉ. अंबरीन खानम सहित कई संकाय सदस्यों का अहम योगदान रहा। कार्यालय कर्मचारी दिलशाद खान और सैयद फरहान ने भी अपने सहयोग से कार्यक्रम को सुचारू रूप से संचालित करने में मदद की।
डॉ. तैय्यबा रज़िक ने धन्यवाद ज्ञापन में सभी वक्ताओं, प्रतिभागियों और आयोजकों की सराहना की। कार्यक्रम का समापन पवित्र कुरान की तिलावत के साथ हुआ, जिसने उपस्थित लोगों में फार्मेसी पेशे के प्रति नई प्रेरणा जगाई।
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