मुरादाबाद/ब्यूरो रिपोर्ट: मुस्लिम राष्ट्रीय मंच (मदरसा एवं उलेमा प्रकोष्ठ) के राष्ट्रीय संयोजक जनाब मज़ाहिर खान रुहेला पठान साहब की पूजनीय वालिदा (माता) साहिबा का बीती रात लगभग 1 बजे आकस्मिक इंतिकाल हो गया। उनके निधन की खबर फैलते ही उनके शुभचिंतकों, रिश्तेदारों और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
एक नेक और दीनदार शख्सियत थीं मरहूमा
पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक, मरहूमा पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रही थीं। वे अपने पीछे एक हंसता-खेलता परिवार छोड़ गई हैं। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि मरहूमा एक बेहद नेक, परहेज़गार, मिलनसार और दीनदार ख़ातून (महिला) थीं, जो हमेशा दूसरों की मदद के लिए तैयार रहती थीं। उनके जाने से परिवार और समाज को एक अपूरणीय क्षति हुई है।
ज़ोहर की नमाज़ के बाद हुईं सुपुर्द-ए-ख़ाक
मरहूमा की आखिरी रसूमात आज दोपहर में अदा की गईं। ज़ोहर की नमाज़ के बाद जनाज़े की नमाज़ पढ़ी गई, जिसके बाद उन्हें नम आँखों से सुपुर्द-ए-ख़ाक कर दिया गया। अंतिम विदाई (जनाज़े) में बड़ी तादाद में उलेमा-ए-किराम, सामाजिक, राजनीतिक व धार्मिक संगठनों के जिम्मेदारान और आम लोगों ने शिरकत की। सभी ने मरहूमा को अपनी ख़िराज-ए-अक़ीदत (श्रद्धांजलि) पेश की और उनकी मग़फ़िरत (मोक्ष) के लिए दुआएं कीं।
नेताओं और सामाजिक संगठनों ने जताया दुख
जनाब मज़ाहिर खान साहब की वालिदा के इंतिकाल पर विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों के प्रमुखों ने गहरा दुख व्यक्त किया है। शोक संवेदना व्यक्त करते हुए लोगों ने कहा, “हम सब अल्लाह तआला की बारगाह में दुआ करते हैं कि अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त मरहूमा की मग़फ़िरत फ़रमाए, उनकी क़ब्र को नूर से भर दे और उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस में आला से आला मुक़ाम अता फ़रमाए। साथ ही, अल्लाह तआला जनाब मज़ाहिर खान साहब समेत तमाम अहले ख़ाना (परिवार) को यह गहरा सदमा बर्दाश्त करने की ताक़त और सब्र-ए-जमील अता फ़रमाए।”
तमाम शुभचिंतकों और दोस्तों से अपील की गई है कि वे मरहूमा की रूह के सुकून के लिए दुआ-ए-मग़फ़िरत की ख़ुसूसी दरख़्वास्त करें।
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