किसान आंदोलन के दौरान जो किसान शहीद हुए उन किसानों के परिवारों को मोदी सरकार ने किसी भी तरह का मुआवजा देने से दो टूक मना कर दिया है। सरकार ने कहा है कि उसके पास किसानों की मौत का कोई आंकड़ा नहीं है ऐसे में किसी भी तरह के मुआवज़े का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता।
केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने लोकसभा में सांसदों के एक समूह द्वारा ‘कृषि कानूनों के आंदोलन’ पर उठाए गए सवालों के जवाब में यह बात कही।
कृषि मंत्रालय ने साफ तौर पर कह दिया कि किसानों के मामले में उसके पास कोई रिकॉर्ड नहीं है और इसीलिए कोई वित्तीय सहायता प्रदान करने का सवाल ही नहीं उठता।
गौरतलब है कि तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की मुख्य मांग के अलावा अन्य मांगों के लिए किसान एक साल से भी अधिक समय से आंदोलन कर रहे हैं। किसानों की मांगों में आंदोलन के दौरान किसानों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने और मृतक किसानों को मुआवजे देने की मांग भी शामिल है। साथ ही मृतक किसानों के परिजनों के लिए पुनर्वास की मांग भी की गई है।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा ने दावा किया है कि पिछले साल से आंदोलन के दौरान लगभग 700 किसान अपनी जान गंवा चुके हैं।
- बदायूं में विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, परिजनों ने उठाई निष्पक्ष जांच की मांग

- दिव्यांग ने थाना दिवस में लगाई गुहार: ‘साहब, कच्ची शराब बेचकर ही पलता है परिवार’

- उज्जैन: महाकाल मंदिर मार्ग से हटाए गए अवैध निर्माण, बुलडोजर कार्रवाई में कई दुकानें और होटल ध्वस्त

- बिहार: चंपारण में दर्दनाक हादसा, छठी के कार्यक्रम में आर्केस्ट्रा देख रहे लोगों को बस ने कुचला; 5 की मौत, कई घायल

- NIA Raids Anantnag Resident’s Home in Terror Probe; Mobile Phone Confiscated

- Kupwara Man Chargesheeted by Kashmir EOW in J&K Bank Job Scam

- ‘भाजपाइयों के लिए शिक्षा सिर्फ व्यापार है…’: जयपुर में कॉजपा सदस्यों पर हमले पर भड़के अखिलेश यादव

- वर्जीनिया के अटॉर्नी जनरल जे जोन्स ने वाणिज्यिक ड्राइवरों की निजी जानकारी मांगने की ट्रम्प प्रशासन की मांग पर लगाई रोक

- बदायूं में पुलिस का ‘ऑपरेशन लंगड़ा’ जारी: संयुक्त टीम के साथ मुठभेड़ में 3 शातिर लुटेरे गोली लगने से घायल, सिपाही भी चोटिल

