पटना: सुरजापुरी मुस्लिमों को मिलेगी अति पिछड़ा वर्ग की मान्यता ? सरकार ने मामला आयोग को भेजा

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Patna: Will Surjapuri Muslims get the recognition of most backward class? The government sent the matter to the commission
सुरजापुरी मुस्लिमों को मिलेगी अति पिछड़ा वर्ग की मान्यता ? सरकार ने मामला आयोग को भेजा

पटना, 3 अगस्त: पूर्णिया प्रमंडल के अंतर्गत आने वाले सुरजापुरी मुस्लिम समुदाय को अति पिछड़ा वर्ग (अनुसूची-1) में शामिल करने की मांग पर बिहार सरकार ने गंभीर कदम उठाया है। सरकार के अपर सचिव मनोज कुमार द्वारा सांसद डॉ. मोहम्मद जावेद को भेजे गए पत्र के अनुसार, यह मामला अब राज्य अति पिछड़ा वर्ग आयोग, बिहार, पटना को भेज दिया गया है।

Javed

डॉ. जावेद ने सुरजापुरी मुस्लिमों को सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़ा मानते हुए उन्हें राज्य की अति पिछड़ा वर्ग सूची में शामिल करने की मांग की थी। वर्तमान में यह समुदाय बिहार की पिछड़ा वर्ग सूची (अनुसूची-2) में क्रमांक-43 पर दर्ज है। किशनगंज, अररिया, पूर्णिया और कटिहार जिलों में बड़ी संख्या में निवास करने वाला यह समुदाय लंबे समय से अपनी सामाजिक स्थिति को लेकर पहचान और अधिकार की लड़ाई लड़ रहा है।

पत्र में बताया गया कि बिहार सरकार ने पहले भी इस समुदाय को अति पिछड़ा वर्ग में शामिल करने के लिए राज्य अति पिछड़ा वर्ग आयोग से मार्गदर्शन मांगा था। हालांकि, आयोग से समय पर साक्ष्य और विस्तृत विश्लेषण नहीं मिलने के कारण निर्णय लंबित रहा। अब एक बार फिर 24 मार्च 2025 को विभागीय पत्रांक-5314 के माध्यम से इस समुदाय को अति पिछड़ा वर्ग में शामिल करने हेतु नया मार्गदर्शन मांगा गया है।

Letter to Ayog

मनोज कुमार ने पत्र में स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार की ओर से यह मामला पुनः आयोग को भेज दिया गया है और जैसे ही मार्गदर्शन प्राप्त होगा, आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

डॉ. मोहम्मद जावेद ने सरकार के इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि सुरजापुरी मुस्लिमों की दशकों पुरानी मांग अब सही दिशा में जाती दिख रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार सामाजिक न्याय के हित में निर्णय लेगी और इस समुदाय को उनका संवैधानिक अधिकार प्रदान करेगी।

संपर्क में रहे: सुरजापुरी समुदाय के प्रतिनिधियों का कहना है कि अगर उन्हें अति पिछड़ा वर्ग की मान्यता मिलती है, तो यह शिक्षा, नौकरी और अन्य सरकारी योजनाओं में उनके लिए नए अवसर खोलेगा।

अब सबकी निगाहें राज्य अति पिछड़ा वर्ग आयोग की सिफारिशों पर टिकी हैं, जो तय करेगा कि सुरजापुरी मुस्लिमों को सामाजिक न्याय के इस महत्वपूर्ण दायरे में स्थान मिलेगा या नहीं।