रामपुर: बिहार के मुख्यमंत्री द्वारा एक मुस्लिम महिला डॉक्टर का हिजाब हटाने का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। घटना की आलोचना न केवल देश के भीतर बल्कि विदेशों में भी की जा रही है। इसी क्रम में शुक्रवार को रामपुर जिला पंचायत सदस्य मुस्तफा हुसैन ने अधिवक्ताओं के साथ जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंप न्यायिक जांच की मांग की।
मुस्तफा हुसैन ने ज्ञापन में कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वे पटना के बापू ऑडिटोरियम में अपॉइंटमेंट लेटर वितरण कार्यक्रम के दौरान एक मुस्लिम महिला डॉक्टर का हिजाब हटाते नजर आ रहे हैं। यह घटना 15 दिसंबर को हुई थी, जब 1,000 से अधिक डॉक्टरों को नियुक्ति पत्र दिए जा रहे थे।
उन्होंने कहा कि यह कृत्य न केवल महिला की व्यक्तिगत गरिमा और धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन है, बल्कि संविधान में प्रदत्त मौलिक अधिकारों के भी विरुद्ध है। इस वजह से मुख्यमंत्री को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
रामपुर जिला पंचायत सदस्य ने कहा कि किसी महिला के पहनावे के साथ मंच से छेड़छाड़ करना और उस पर टिप्पणी करना सामाजिक सौहार्द और सम्मान दोनों के लिए हानिकारक है। उन्होंने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री के इस कदम से गलत संदेश गया है, जिसकी वे निंदा करते हैं।
ज्ञापन में उत्तर प्रदेश के मंत्री संजय निषाद के उस विवादित बयान की भी निंदा की गई है, जो इस घटना के बाद सामने आया था।
राष्ट्रपति को भेजे गए ज्ञापन पर अधिवक्ताओं — तुर्क शाहनवाज अली, जमीर अहमद, सुलेमान अली, मुमताज अली, मोहम्मद इस्लाम, शमां नाज़ और आज़मी खान — के हस्ताक्षर हैं।
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