यूपी बीजेपी ने बदले पांच जिलाध्यक्ष: 2027 चुनाव से पहले संगठन मजबूत करने की तैयारी

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लखनऊ, 28 मई 2026: विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारी के मद्देनजर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने उत्तर प्रदेश के पांच जिलों में नए जिलाध्यक्षों की घोषणा की है। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने अंबेडकरनगर, वाराणसी, चंदौली, गोरखपुर महानगर और देवरिया के जिलाध्यक्ष बदलने का आदेश जारी किया। पार्टी का कहना है कि इन नियुक्तियों से स्थानीय संगठन को सुदृढ़ कर बूथ‑स्तर तक काम तेज किया जाएगा और सामाजिक संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी।

इन नेताओं को मिली नई जिम्मेदारी

प्रदेश नेतृत्व द्वारा जारी सूची के अनुसार:

  • दिलीप देव पटेल – जिलाध्यक्ष, अंबेडकर नगर
  • राम सकल पटेल – जिलाध्यक्ष, वाराणसी
  • काशीनाथ सिंह – जिलाध्यक्ष, चंदौली
  • रमेश प्रसाद गुप्ता – जिलाध्यक्ष, गोरखपुर महानगर
  • काली प्रसाद – जिलाध्यक्ष, देवरिया

पार्टी का कहना है कि ये सभी नए जिलाध्यक्ष लंबे समय से संगठन में सक्रिय रहे हैं और जमीनी स्तर पर पार्टी को मजबूत करने में इनकी अहम भूमिका रही है।

जातीय समीकरण साधने की कोशिश

बीजेपी की इन नई नियुक्तियों को सामाजिक समीकरणों के लिहाज से भी काफी अहम माना जा रहा है। घोषित पांच जिलाध्यक्षों में दो अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), एक दलित, एक वैश्य और एक क्षत्रिय समुदाय से आते हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बीजेपी 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सोशल इंजीनियरिंग (सामाजिक संतुलन) के जरिए हर वर्ग तक अपनी पहुंच मजबूत करना चाहती है।

उत्तर प्रदेश की राजनीति में जातीय समीकरण हमेशा से अहम भूमिका निभाते रहे हैं। ऐसे में पार्टी द्वारा अलग-अलग समुदायों के नेताओं को संगठन की कमान सौंपना चुनावी रणनीति का एक बड़ा हिस्सा माना जा रहा है।

समर्पित कार्यकर्ताओं को मिला मौका

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, वाराणसी के नए जिलाध्यक्ष राम सकल पटेल और चंदौली के काशीनाथ सिंह लंबे समय से बीजेपी के समर्पित कार्यकर्ता रहे हैं और वर्षों से जमीन पर काम कर रहे हैं। संगठन ने ऐसे निष्ठावान नेताओं को आगे बढ़ाकर कार्यकर्ताओं को यह संदेश देने की कोशिश की है कि मेहनत और समर्पण का हमेशा सम्मान किया जाएगा।

पहले भी हुए थे बड़े बदलाव

बीजेपी इससे पहले नवंबर 2025 में भी 14 नए जिलाध्यक्षों की घोषणा कर चुकी है। उस सूची में भी सामान्य वर्ग, पिछड़ा वर्ग और अनुसूचित जाति के नेताओं को उचित प्रतिनिधित्व दिया गया था। पार्टी ने कई जिलों में पुराने चेहरों पर दोबारा भरोसा जताया था, जबकि कुछ विवादित या निष्क्रिय नेताओं को हटाकर नए नामों को जिम्मेदारी सौंपी थी।

चुनावी मिशन में जुटी बीजेपी

प्रदेश में आगामी चुनावों को लेकर माहौल धीरे-धीरे गरमाने लगा है। ऐसे में बीजेपी संगठन को बूथ स्तर तक चुस्त-दुरुस्त करने पर फोकस कर रही है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि मजबूत संगठन ही चुनावी जीत की सबसे बड़ी कुंजी है। यही वजह है कि जिलों में नए और ऊर्जावान नेतृत्व के जरिए कार्यकर्ताओं में नया जोश भरने की कोशिश की जा रही है।

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