एक व्यक्ति की मौत के बाद उसके दोस्त ने उसकी पत्नी और दो बच्चों को सहारा देने की नियत से अपने घर में रखा। उसके बाद उन तीनों का धर्म परिवर्तन करा कर उनसे शादी कर ली।
उत्तर प्रदेश के जनपद रामपुर के कोतवाली शाहबाद क्षेत्र के बेरूआ गांव के निवासी महफूज़ ने एक सिख समुदाय की एक महिला और उसके दो बच्चों का धर्म परिवर्तन कराकर शादी कर ली। मामला पुलिस के संज्ञान में आया तो पुलिस तुरंत बेरुआ गांव पहुंची और वहां पर गोपनीय तरीके से मामले की जानकारी की।
मामला सही निकलने पर पुलिस महफूज के घर पहुंची तो उसके घर पर एक महिला बैठी थी जिसने अपना नाम हरजिंदर कौर बताया। उसके दो बेटे, एक 12 साल का राहुल और एक 10 साल का सुमित थे।
हरजिंदर कौर ने पुलिस को बताया कि 8 मई को उसके पति हरकेश की उत्तराखंड में एक्सीडेंट के दौरान मौत हो गई थी। महफूज उसके पति का दोस्त था। दोस्ती की वजह से महफूज़ उसे और उसके दोनों बेटों को अपने गांव ले आया।
गांव लाकर महफ़ूज़ ने हरजिंदर और उसके बच्चों की हर तरह से मदद की। लेकिन समाज को देखते हुए महफ़ूज़ ने एक विधवा महिला को अपने साथ रखना और उसकी इस तरह मदद करना मुनासिब नहीं समझा। महफ़ूज़ ने सोचा कि दुनिया वाले महिला के बारे में ग़लत बातें करेंगे और यूँ भी उसके सामने पूरा जीवन पड़ा है। किस तरह वह अकेले अपने आपको और दो बच्चों पालेगी। यही सब सोचते हुए उसने महिला से शादी का फैसला किया ताकि उस अभागिन और उसके बच्चों की मदद भी हो जाए और वह समाज में इज़्ज़त से जीवन बसर कर सके।
इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए उसने हरजिंदर की इजाज़त से उसका पहले धर्म परिवर्तन कराया और उसके बाद उससे निकाह कर लिया। निकाह के बाद महफूज़ ने हरजिंदर का नाम गुलिस्तां रख दिया और दोनों बेटों के नाम फरमान और अनस रख दिए। फरमान और अनस की खतने भी करा दी गयी हैं।
इस मामले पर अपर पुलिस अधीक्षक संसार सिंह ने बताया कि पुलिस ने शिकायत मिलने पर मुख्य आरोपी, उसके परिजन और उसके सहयोगियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया है। पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की विधिक कार्यवाही की जा रही है।
- बंगाल चुनाव का पहला चरण: हिंसा और ईवीएम की खराबी के बीच रिकॉर्ड 92% मतदान

- ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से होगा ‘आतंकिस्तान’ का अंत: पहलगाम हमले की बरसी पर गरजे इंद्रेश कुमार

- Operation Sindoor to Continue Until ‘Terroristan’ is Eliminated: Indresh Kumar

- जामिया मिल्लिया इस्लामिया स्कूल का कक्षा 10वीं बोर्ड रिजल्ट घोषित, छात्राएं फिर आगे रहीं

- Jamia Millia Islamia Declares Class X Results: Girls Outshine Boys with 98.65% Pass Rate

- यूनानी तिब्बी कांग्रेस की बैठक: हकीम अजमल खान के विचारों को आगे बढ़ाने और जामिया में यूनानी कॉलेज की स्थापना पर ज़ोर

- रामपुर: ताहिर फराज की याद में सजी शायरी की महफिल, देश के दिग्गज शायरों ने बांधा समां

- 16 और 17 अप्रैल 2026: जब संसद में महिला आरक्षण बिल फिर गिरा, और कांग्रेस, सपा, डीएमके व INDIA गठबंधन जिम्मेदार बने

- ईरान को झुकाना नामुमकिन, सरकार गिराने का दुश्मन का सपना हुआ चकनाचूर: राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन

- Strategic Dialogue at Bihar Lok Bhavan: Governor Lt Gen Syed Ata Hasnain Meets with Indresh Kumar and Shahid Akhtar

- Haji Syed Salman Chishty Strengthens India-Russia Ties in Moscow Through Spiritual Diplomacy and Trade Talks

- लोकसभा में महिला आरक्षण (131वां संशोधन) विधेयक गिरा; दो-तिहाई बहुमत जुटाने में विफल रही सरकार

- नासिक TCS घटना: APCR महाराष्ट्र की फैक्ट-फाइंडिंग टीम ने की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग

- Jamiat Ulama-i-Hind Working Committee Meeting Kicks Off: Madrasa Protection, UCC, and Social Reforms in Focus

- बरेली: डीएम अविनाश सिंह की सख्त चेतावनी: ई-ऑफिस पर काम न करने वाले दफ्तरों का वेतन रुकेगा

- Budgam Police Files FIR Against Man for Running Fake SSP WhatsApp Account

- बरेली: शादी वाले घरों में गैस का संकट, पूर्ति कार्यालय में ‘कार्ड’ लेकर गुहार लगा रहे परिजन

- मीरगंज में गेहूं की फसल में भीषण आग: तीन एकड़ खड़ी फसल जलकर राख, किसानों को भारी नुकसान

- CHINA CANNOT ALLOW US TO BE ‘POLICEMAN’ AT STRAITS OF HORMUZ

- ‘ईरान को नहीं बनाने देंगे परमाणु हथियार’, होर्मुज की नाकाबंदी के बीच ट्रंप ने तेहरान को फिर दी धमकी

- नोएडा में हिंसक प्रदर्शन के बाद यूपी सरकार का फैसला, गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद में बढ़ी न्यूनतम मजदूरी

- अंडमान में जमीयत उलेमा-ए-हिंद का तीन दिवसीय केंद्रीय मंथन शुरू; युवाओं के प्रशिक्षण और ‘आदर्श मस्जिद’ प्रोजेक्ट पर ज़ोर

- ब्रिटिश पीएम का साहसी ऐलान: लेबनान में तत्काल युद्धविराम हो, इजरायली बमबारी मानवता के खिलाफ अपराध!

- नारी शक्ति से नव भारत तक: महिलाओं को आगे बढ़ाना विकसित भारत 2047 के लिए अनिवार्य

