नई दिल्ली: साल 2000 में दिल्ली के लाल किले पर हुए हमले के दोषी मोहम्मद आरिफ उर्फ अशफाक की रिव्यू पेटिशन को गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया। अशफाक की फांसी की सजा बरकरार रहेगी।
आतंकी संगठन लश्कर-ए-तोएबा(Let) ने 22 दिसंबर, 2000 को लाल किले पर हमला किया था, जिसमें सेना के दो जवानों सहित तीन लोगों की मौत हो गई थी।
इस हमले के दौरान भारतीय सेना ने दो आतंकवादियों को मौत के घाट उतार दिया था। हमले में निचली अदालत ने मोहम्मद आरिफ उर्फ अशफाक को दोषी करार देते हुए मौत की सजा सुनाई थी।
इसके बाद सजा के खिलाफ पुनर्विचार याचिका डाली गई, जिसको सुप्रीम कोर्ट ने आज खारिज कर दिया और मौत की सजा को बरकरार रखा है।
- ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने पड़ोसी देशों से मांगी माफी; बोले- ‘ईरान नहीं करेगा हमले की पहल’

- ईरान-इजरायल संघर्ष का असर: LPG सिलेंडर की कीमतों में भारी उछाल, घरेलू सिलेंडर ₹60 महंगा

- Jamia’s RCA Shines: 38 Students Clear UPSC 2025 with 4 in Top 50

- ईरान-इजरायल युद्ध: ट्रम्प प्रशासन को लगा दोहरा झटका; बेन गुरियन एयरपोर्ट पर भीषण हमला और हथियारों की भारी कमी

- UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 के परिणाम घोषित: राजस्थान के डॉ. अनुज अग्निहोत्री ने किया देश में टॉप

- JIH President Condemns US-Israel Aggression on Iran, Warns Against Wider Gulf War

