वाशिंगटन/तेहरान: अमेरिकी सेना ने पुष्टि की है कि उसने बीते सप्ताहांत ईरान के गोरुक शहर और क़ेशम द्वीप पर स्थित ईरानी रडार और ड्रोन ठिकानों को निशाना बनाया है।
इस बीच, कुवैत ने अपने क्षेत्र में “शत्रुतापूर्ण” मिसाइल और ड्रोन हमलों की सूचना दी है। वहीं, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) का दावा है कि उसने उस सैन्य अड्डे पर जवाबी हमला किया है, जिसका इस्तेमाल ईरान के सिरिक द्वीप पर हमला करने के लिए किया गया था।
लेबनान संकट पर वैश्विक चिंता
दूसरी ओर, लेबनान पर इज़राइल के बढ़ते हमलों की वैश्विक स्तर पर कड़ी निंदा हो रही है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए फ्रांस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की एक आपातकालीन बैठक बुलाने की मांग की है।
अमेरिका-ईरान समझौते पर सस्पेंस
कूटनीतिक मोर्चे पर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह ईरान के साथ एक “बहुत अच्छे समझौते” के बेहद करीब हैं। हालांकि, अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन ईरान पर और भी सख्त शर्तें थोपने के लिए दबाव बना रहा है।
इस बीच, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बयान दिया है कि अमेरिका के साथ संदेशों (Diplomatic Messages) का आदान-प्रदान लगातार जारी है, लेकिन जब तक कोई समझौता पूरी तरह फाइनल नहीं हो जाता, तब तक कुछ भी निश्चित नहीं माना जा सकता।
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