ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने अमेरिका पर कड़ा हमला करते हुए कहा है कि ईरानी लोग कभी भी हथियार नहीं डालेंगे और न ही दबाव व धमकियों के आगे झुकेंगे।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी अपने आधिकारिक बयान में पेजेश्कियान ने अमेरिका द्वारा नागरिक सुविधाओं, भोजन और लोगों की आजीविका को निशाना बनाए जाने पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा, “अगर अमेरिकी योद्धा हैं, तो वे हमारी बहादुर सैन्य शक्तियों का सामना करें। नागरिक बुनियादी ढांचे, खाद्य आपूर्ति और आजीविका पर युद्ध क्यों छेड़ा जा रहा है?”
पेजेश्कियान ने आगे कहा, “अगर वे इंसान हैं, तो लोगों को पानी, भोजन और दवा तक पहुंच से क्यों वंचित किया जा रहा है? हमारे लोगों को धमकाकर वश में नहीं किया जा सकता। ईरान आत्मसमर्पण नहीं करेगा।”
ईरानी राष्ट्रपति ने संयुक्त राज्य अमेरिका की आलोचना करते हुए कहा कि बुनियादी जरूरतों तक पहुंच को सीमित करना मानवता के खिलाफ है। उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि ईरान को दबाव और धमकियों से झुकने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता और देश कभी आत्मसमर्पण नहीं करेगा।
यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच छह महीने से चल रहे सैन्य संघर्ष के बाद तनाव बढ़ा हुआ है। मसूद पेजेश्कियान वर्तमान में नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग ले रहे हैं।
- यमन: हौथी विद्रोहियों का बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य पर पूर्ण नियंत्रण का दावा; राष्ट्रपति अलीमी ने जताई वैश्विक व्यापार संकट की आशंका

- ईरान संकट गहराने से कच्चे तेल में बड़ा उछाल: ब्रेंट क्रूड 105 डॉलर के पार, भारत समेत दुनिया भर में बढ़ सकती है महंगाई

- मिस्र: टीवी एंकर सारा खलीफा को ड्रग्स तस्करी मामले में मौत की सजा, अदालत में फूट-फूटकर रोईं

- पीएम मोदी का ‘व्यक्तिगत ध्यान’ भारत-रूस विशेष रणनीतिक साझेदारी को दे रहा मजबूती: व्लादिमीर पुतिन

- एकता और विविधता दोनों ही भारत के डीएनए में बसी हैं: आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत

