दो पैन कार्ड केस: आज़म ख़ान-अब्दुल्ला की अपील पर 5 दिसंबर तक टली सुनवाई, अभियोजन पक्ष ने मांगा अतिरिक्त समय

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Azam Khan, son Abdullah sentenced to 7 years in Rampur jail in dual PAN card case
दोहरे पैन कार्ड मामले में आजम खान, बेटे अब्दुल्ला को 7 साल की सजा, रामपुर जेल भेजे गए

रामपुर: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आज़म खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आज़म की दोहरे पैन कार्ड मामले में सात वर्ष की सजा के खिलाफ दायर अपील पर मंगलवार को एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट में सुनवाई हुई। अभियोजन पक्ष ने आपत्तियां तैयार करने के लिए अतिरिक्त समय की मांग की, जिसे अदालत ने स्वीकार करते हुए अगली सुनवाई 5 दिसंबर के लिए निर्धारित कर दी।

19 नवंबर को दाखिल हुई थी अपील

पिता-पुत्र ने 19 नवंबर को ही सेशन कोर्ट में सजा के फैसले को चुनौती देते हुए अपील और जमानत याचिका दाखिल की थी। मंगलवार को पहली बार इस पर सुनवाई होनी थी, लेकिन अभियोजन पक्ष ने कहा कि आपत्तियां दर्ज करने के लिए उन्हें और वक्त चाहिए। एडीजीसी सीमा राणा ने लिखित प्रार्थना पत्र के माध्यम से यह मांग की, जिसे न्यायालय ने मंजूर कर लिया।

निचली अदालत ने सुनाई थी 7 साल की सजा

16 नवंबर को रामपुर की विशेष एमपी-एमएलए अदालत ने आज़म खां और अब्दुल्ला को दोहरे पैन कार्ड बनवाने के आरोप में दोषी करार देते हुए सात-सात वर्ष की कैद और 50-50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई थी। कोर्ट ने कहा था कि अब्दुल्ला ने अलग-अलग जन्म तिथियों के साथ दो पैन कार्ड प्राप्त किए थे, जिसमें एक में 1 जनवरी 1993 और दूसरे में 30 सितंबर 1990 की जन्म तिथि दर्ज थी।

चुनाव लड़ने के लिए बदली गई थी जन्म तिथि

अभियोजन पक्ष का आरोप है कि अब्दुल्ला ने 2017 के विधानसभा चुनाव के लिए न्यूनतम 25 वर्ष की आयु पूरी करने के लिए जन्म तिथि में हेरफेर किया था। बीजेपी नेता आकाश सक्सेना की शिकायत पर 2019 में यह मामला दर्ज हुआ था। अदालत ने माना कि अब्दुल्ला ने अपने पिता की साजिश में जाली पैन कार्ड बनवाया और आधिकारिक दस्तावेजों में जमा किया।

5 दिसंबर को होगी अगली सुनवाई

अब अगली सुनवाई में अभियोजन पक्ष अपनी आपत्तियां पेश करेगा और न्यायालय दोनों पक्षों की दलीलें सुनेगा। राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर इस मामले को अहम माना जा रहा है, क्योंकि आज़म खां पर 100 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं और वे सितंबर 2023 में 23 महीने जेल में बिताने के बाद रिहा हुए थे।