अब यूपी में वोटर फर्जीवाड़ा: महोबा के एक घर में 4,271 मतदाता मिले, कांग्रेस ने उठाए ऐक्शन के सवाल

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4,271 voters found in one house in Mahoba
महोबा के एक घर में 4,271 मतदाता मिले

महाराष्ट्र और कर्नाटक में वोटर लिस्ट में फर्जीवाड़े का खुलासा करने के बाद, कांग्रेस ने देश के कई राज्यों में ऐसी गड़बड़ियों का पर्दाफाश जारी रखा है। इसी कड़ी में, पार्टी ने उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में वोटर लिस्ट में भारी गड़बड़ी का खुलासा करते हुए वोट चोरी का आरोप लगाया है।

कांग्रेस ने दावा किया है कि महोबा के एक ही घर में 4,271 मतदाता पंजीकृत हैं, जो पूरी तरह असंगत और संदेहास्पद है। पार्टी ने मकान नंबर 803 में इतनी ज्यादा मतदाता संख्या होने का उदाहरण देते हुए कहा कि मकान नंबर 996 में 243 और मकान नंबर 997 में 185 मतदाता पंजीकृत पाए गए हैं। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार देशभर में यह ‘वोट चोरी’ का खेल कर रही है, जो लगातार सामने आ रहा है। कांग्रेस ने इसे लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (ट्विटर) पर भी एक पोस्ट जारी की है, जिसमें कहा गया है कि देश आज चिल्ला रहा है – ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’।

https://twitter.com/INCIndia/status/1967966856184242637

साथ ही, आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भी सोमवार को महोबा में मतदाता सूची में बड़ी अनियमितता का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कल उन्होंने दो घरों के बारे में बताया था जिसमें क्रमशः 243 और 185 वोटर दर्ज थे, जो चौंकाने वाला था। आज उन्हें एक और मामला मिला है जहां एक ही घर में 4,271 मतदाता पंजीकृत हैं। उन्होंने तर्क दिया कि यदि किसी घर में इतनी बड़ी संख्या में मतदाता हैं तो उस परिवार में लगभग 12,000 सदस्य होने चाहिए, जो संभव नहीं लग रहा।

संजय सिंह ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में बीजेपी और निर्वाचन आयोग की मिलीभगत से यह ‘वोट चोरी’ शुरू हो गई है। उन्होंने तंज कसा कि यदि उस घर के मालिक ने अकेले ग्राम प्रधान का चुनाव लड़ा, तो वे आसानी से जीत जाएंगे और किसी और के वोट की जरूरत नहीं पड़ेगी। उन्होंने यह भी कहा कि उस गांव में कुल लगभग 16,000 मतदाता हैं, जो इस विसंगति को और गंभीर बनाता है।

https://twitter.com/INCIndia/status/1967896531702514146

इस पूरे मामले ने चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं और राजनीतिक दलों के बीच तीखी बहस को जन्म दिया है। कांग्रेस और आप दोनों ने इस मुद्दे को चुनाव आयोग के समक्ष उपस्थित कराने और स्वच्छ चुनाव व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।