Globaltoday.in|सऊद खान|रामपुर
एनआरसी(NRC) और सीएए(CAA) को लेकर जारी विरोध प्रदर्शन और अल्पसंख्यकों में विशेषकर मुस्लिमों में फैल रहे रोष को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी(BJP) ने अब सिटीजन अमेंडमेंट एक्ट(CAA) को लेकर मुस्लिम के मन में घर कर रही आशंकाओं को खत्म करने के लिए ज़मीनी स्तर पर प्रयास शुरू कर दिए हैं। गांव-गांव जाकर मुस्लिमों के बीच अब भारतीय जनता पार्टी के स्थानीय नेता यह बात समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि जन नागरिकता संशोधन अधिनियम भारत के 130 करोड़ लोगों में से किसी की भी नागरिकता लेने के लिए नहीं बल्कि पड़ोस के देशों से आए प्रताड़ित लोगों को नागरिकता देने के लिए है।
रामपुर(Rampur) के छोटे से अल्पसंख्यक बहुल्य गांव लखन खेड़ा में भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष अभय गुप्ता पहुंचे और अल्पसंख्यको के बीच सीधे संवाद करते हुए उन्होंने नागरिकता संशोधन अधिनियम को लेकर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नागरिकता संशोधन अधिनियम किसी की भी नागरिकता लेने के लिए नहीं है।
इस अवसर पर वह यह भी कहना नहीं भूल रहे कि जितना भारतवर्ष हिंदुओं का है उतना ही मुसलमानों का है, उतना ही सिक्खों और अन्य धर्म के मानने वाले लोगों का भी है। उन्होंने कहा ऐसे में मुस्लिमों को खौफ खाने की कोई जरूरत नहीं है। विपक्षी दल भ्रांतियां फैला रहे हैं जिसके चलते विरोध प्रदर्शन आगज़नी और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाये जाने की घटनाएं हो रही है।
भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष के जनसंपर्क करने और सीधे तौर पर जनता के बीच जाकर नागरिकता अधिनियम के संबंध में बताए जाने से लोगों की शंकाएं दूर होने लगी हैं। ग्राम प्रधान गुच्छन खान के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी की योजनाएं सभी को साथ लेकर चलने की हैं ना के किसी विशेष वर्ग के लिए।
उधर भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष के सीधे संवाद को सुनकर अब मुस्लिमों में भी भरोसा जागने लगा है और सीएए को लेकर लोगों की भ्रांतियां दूर हो रही हैं।
- रामपुर: टीजीटी परीक्षा को लेकर पुलिस अलर्ट, कप्तान ने खुद संभाली कमान, सेंटर्स का किया औचक निरीक्षण
- भारत समेत 60 देशों को US टैरिफ का बड़ा झटका? इन प्रोडक्ट्स पर लग सकता है 12.5% अतिरिक्त शुल्क
- UP Election 2027: सहसवान में गजेंद्र यादव की जनसभा ने बढ़ाई सियासी तपिश, टिकट की दावेदारी मजबूत!
- बदायूं: बालाजी दर्शन करने गया था परिवार, पीछे से बंद घर को खंगाल ले गए चोर; लाखों की चोरी
- मानसून से पहले नालों की सफाई पर सख्ती: 10 जून तक काम पूरा करने के कड़े निर्देश
