वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और न्यायपालिका के बीच व्यापार युद्ध (Trade War) अब एक नए और आक्रामक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा ट्रंप प्रशासन के ‘ग्लोबल टैरिफ’ को अवैध घोषित करने के ठीक एक दिन बाद, राष्ट्रपति ट्रंप ने न केवल कोर्ट के फैसले को ‘शर्मनाक’ बताया, बल्कि वैश्विक टैरिफ को 10 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी करने की घोषणा कर दी है।
क्या है पूरा मामला?
शुक्रवार को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से फैसला सुनाते हुए कहा कि राष्ट्रपति के पास आपातकालीन शक्तियों (IEEPA) के तहत एकतरफा टैरिफ लगाने का संवैधानिक अधिकार नहीं है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि टैक्स और टैरिफ लगाने की शक्ति केवल अमेरिकी कांग्रेस (संसद) के पास है।
इस फैसले से ट्रंप प्रशासन को अरबों डॉलर का राजस्व गंवाना पड़ सकता था, लेकिन ट्रंप ने हार मानने के बजाय ‘प्लान-बी’ लागू कर दिया।
ट्रंप का सोशल मीडिया पर ‘विस्फोट’
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करते हुए लिखा:
“मैं, अमेरिका के राष्ट्रपति के तौर पर, उन देशों पर 10% वर्ल्डवाइड टैरिफ को बढ़ाकर 15% कर दूंगा, जो दशकों से अमेरिका को लूट रहे हैं। यह कदम पूरी तरह कानूनी है और ‘कानूनी रूप से टेस्टेड’ (Legally Tested) है।”

उन्होंने आगे कहा कि अगले कुछ महीनों में उनका प्रशासन नए टैरिफ ढांचे को अंतिम रूप देगा, जो अमेरिका को “पहले से कहीं अधिक महान” बनाएगा।
भारत पर क्या होगा असर?
भारत के लिए यह खबर मिली-जुली लेकिन चिंताजनक है:
- निर्यात पर दबाव: अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। 15% का नया टैरिफ लागू होने से भारतीय टेक्सटाइल, जेम्स एंड ज्वेलरी, और आईटी सेवाओं की लागत बढ़ सकती है।
- पुरानी डील का क्या होगा? हाल ही में भारत और अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौता हुआ था जिसमें टैरिफ को 50% से घटाकर 18% किया गया था। अब नए 15% के ‘ब्लैकेट टैरिफ’ के बाद यह स्पष्ट नहीं है कि भारतीय सामानों पर प्रभावी दर क्या होगी।
- बाजार में अनिश्चितता: भारतीय वाणिज्य मंत्रालय स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है। जानकारों का मानना है कि इससे भारतीय निर्यातकों को अपनी रणनीति दोबारा बदलनी पड़ सकती है।
मुख्य बिंदु: एक नज़र में
| विवरण | स्थिति |
| सुप्रीम कोर्ट का फैसला | आपातकालीन शक्तियों के तहत टैरिफ को ‘अवैध’ बताया। |
| ट्रंप की नई घोषणा | ग्लोबल टैरिफ को 10% से बढ़ाकर 15% किया। |
| कानूनी आधार | ट्रंप अब ‘ट्रेड एक्ट 1974’ की धारा 122 का इस्तेमाल कर सकते हैं। |
| समय सीमा | नए टैरिफ अस्थायी रूप से 150 दिनों के लिए लागू हो सकते हैं। |
आगे क्या?
राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिया है कि वह कांग्रेस के साथ मिलकर या अन्य वैकल्पिक कानूनी रास्तों (जैसे Section 301) के जरिए इन टैरिफ को स्थायी बनाएंगे। आने वाले दिनों में वैश्विक शेयर बाजारों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार संबंधों में अस्थिरता बढ़ने की पूरी संभावना है।
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