बिहार में बसपा का अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान, इन सीटों पर लड़ेंगी मायावती

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बिहार विधानसभा चुनाव में अब मायावती की पार्टी बसपा की एंट्री हो गई है। मायावती ने रविवार को इसे लेकर एलान किया कि उनकी पार्टी बिहार में अकेले अपने दम पर चुनाव में उतरेगी।

बिहार: बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने रविवार को महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि उनकी पार्टी आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में अकेले अपने दम पर चुनाव लड़ेगी और किसी भी अन्य पार्टी के साथ गठबंधन नहीं करेगी।

संगठनात्मक तैयारी और रोडमैप

मायावती ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में बताया कि दो दिनों की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठकों के बाद पार्टी ने अपने संगठनात्मक कार्यक्रमों का रोडमैप अंतिम रूप दे दिया है। इस बैठक में उम्मीदवारों के चयन सहित पार्टी की हर स्तर की तैयारियों पर गहन चर्चा की गई।

रणनीतिक विभाजन और जिम्मेदारियां

बिहार को तीन जोन में विभाजन: चुनावी तैयारियों को बेहतर बनाने के लिए बीएसपी ने बिहार की सभी 243 विधानसभा सीटों को तीन अलग-अलग जोन में बांटा है और वरिष्ठ पदाधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपी है।

प्रमुख जिम्मेदारियां: पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद, केंद्रीय समन्वयक एवं राज्यसभा सांसद रामजी गौतम और बीएसपी बिहार यूनिट को चुनावी अभियान की प्रमुख जिम्मेदारी सौंपी गई है।

चुनावी कार्यक्रम और तैयारी

मायावती ने स्पष्ट किया कि पार्टी की यात्राएं और जनसभाएं अगले महीने से शुरू होंगी और सभी चुनावी कार्यक्रम उनकी प्रत्यक्ष निगरानी में संचालित किए जाएंगे। पार्टी पदाधिकारियों को तन, मन और धन से चुनाव की तैयारी में जुटने के निर्देश दिए गए हैं।

पिछले चुनावी प्रदर्शन

2020 बिहार विधानसभा चुनाव में बीएसपी ने 230 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे लेकिन केवल दो सीटें (रामगढ़ और चैनपुर) जीत सकी थी। 2015 के मुकाबले 2020 में प्रदर्शन बेहतर था, जबकि 2015 में 228 सीटों पर चुनाव लड़ने के बावजूद कोई सीट नहीं जीत सकी थी।

व्यापक संगठनात्मक सुधार

मायावती ने बताया कि इससे पहले उड़ीसा और तेलंगाना राज्यों में भी समान संगठनात्मक समीक्षा की गई है। पार्टी ने उत्तर प्रदेश के पैटर्न पर जिला से लेकर पोलिंग बूथ स्तर तक कमेटियों का गठन किया है और जनाधार बढ़ाने के मिशनरी कार्यों के लिए टारगेट निर्धारित किए हैं।

बैठक में पार्टी के सदस्यों ने बिहार के तेजी से बदलते राजनीतिक हालात और चुनावी समीकरणों को देखते हुए बेहतर रिजल्ट लाने का आश्वासन दिया है।

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