रविवार रात अफगानिस्तान के पूर्वी नंगरहार प्रांत के जलालाबाद शहर के नजदीक 6.0 तीव्रता का भीषण भूकंप आया, जिसमें कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई और 100 से अधिक लोग घायल हुए। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, भूकंप का केंद्र जलालाबाद के नजदीक था और इसकी गहराई 8 किलोमीटर दर्ज की गई। भूकंप 11:47 बजे (स्थानीय समय) आया और लगभग 20 मिनट बाद उसी इलाके में 4.5 तीव्रता का दूसरा झटका भी महसूस किया गया, जिसकी गहराई 10 किलोमीटर थी।
दर्जनों घर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि तालिबान अधिकारियों का कहना है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है। अफगान सरकार ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सहायता संगठनों से तुरंत बचाव एवं राहत अभियान में सहयोग करने की अपील की है। प्रभावित इलाकों में बचाव कार्य मुश्किल हो गया है क्योंकि इन क्षेत्रों तक जाने वाली सड़कें भूकंप के झटकों और बाढ़ के कारण नष्ट हो चुकी हैं। अफगान अधिकारियों ने बीबीसी को बताया कि पहाड़ी इलाकों में केवल हवाई बचाव अभियान ही संभव है।
अफगान तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने सोशल मीडिया पर एक संदेश में कहा कि भूकंप से जान-माल को भारी नुकसान हुआ है। स्थानीय अधिकारी और निवासी प्रभावितों की मदद में जुटे हुए हैं, जबकि केंद्र और आसपास के प्रांतों से भी राहत दल भेजे गए हैं।
पाकिस्तान और भारत में भी महसूस हुए झटके
भूकंप के झटके सिर्फ़ अफगानिस्तान तक ही सीमित नहीं थे, बल्कि पाकिस्तान के कई शहरों—इस्लामाबाद, लाहौर, पेशावर, मर्दन, चकवाल, तक्षशिला, वाह कैंट में भी महसूस किए गए। भारत में यह झटके महसूस किये गए। पाकिस्तान के भूकंप विज्ञान केंद्र ने बताया कि दक्षिण-पूर्वी अफगानिस्तान में भूकंप की तीव्रता 6.0 और गहराई 15 किलोमीटर दर्ज की गई थी। दोपहर 12:38 बजे हांगू, मलकंद, स्वात, मनसेहरा, एबटाबाद, इस्लामाबाद, रावलपिंडी, चित्राल और पेशावर में भी 4.6 तीव्रता के झटके महसूस किए गए।
पाकिस्तान के अलग-अलग शहरों में लोग डरकर अपने घरों से बाहर निकल आए और मुश्किल वक्त में कलमा तय्यबा पढ़कर ईश्वर से सहायता मांगी। भूकंप की चपेट में आए इलाकों में अब भी दहशत का माहौल है और बचाव एवं राहत कार्यों की जरूरत है।
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