लखनऊ: नवाबजादा हैदर अली खान ने मुख्यमंत्री योगी से की शिष्टाचार भेंट

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आज शनिवार को लखनऊ में जनपद रामपुर के स्वार विधान सभा क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी नवाबजादा हैदर अली खान ने शिष्टाचार भेंट की। यह भेंट मुख्यमंत्री आवास पर संपन्न हुई, जहां दोनों नेताओं के बीच सौहार्दपूर्ण मुलाकात हुई।​

यह मुलाकात खास इसलिए महत्व रखती है क्योंकि हाल ही में आज़म ख़ान की जेल से रिहाई के बाद रामपुर की सियासी गलियारों में नवाब परिवार के हमजा मियां की योगी आदित्यनाथ से इस मुलाकात को लेकर कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। माना जा रहा है कि यह भेंट रामपुर की राजनीति में नवाब परिवार और योगी सरकार के बीच एक सकारात्मक टर्निंग प्वाइंट हो सकती है, जो क्षेत्र में सियासी समीकरणों को प्रभावित कर सकती है।

नवाबजादा हैदर अली खान का परिचय

हैदर अली खान, जिन्हें हमजा मियां के नाम से भी जाना जाता है, रामपुर के नवाब परिवार के वारिस और नूर महल के उत्तराधिकारी हैं। वे रामपुर के नवाब ज़ुल्फिकार अली उर्फ मिक्की मियां के पोते और नवाब काज़िम अली उर्फ नवेद मियां के बेटे हैं। यूके की यूनिवर्सिटी ऑफ एसेक्स से स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद 2013 में भारत लौटे हैदर अली खान ने 2014 में अपने पिता काज़िम अली खान (नवेद मियां) के चुनाव अभियान का प्रबंधन किया था।​

राजनीतिक सफर

30 वर्षीय हैदर अली खान, जिन्होंने शिक्षा के लिए यूके के यूनिवर्सिटी ऑफ एसेक्स से ग्रेजुएशन किया, राजनीति में अपने पिता का मार्गदर्शन प्राप्त किया, और कांग्रेस छोड़कर पहले अपना दल (एस) से विधानसभा चुनाव लड़े। उसके बाद वे भाजपा में शामिल हो गए, जहां उन्होंने भाजपा के मुख्य नेताओं का समर्थन प्राप्त किया है। इस परिवर्तन ने उनके राजनीतिक करियर को नई दिशा दी है और रामपुर की राजनीति में एक महत्वपूर्ण भूमिका प्रदान की है। उन्होंने 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अपना दल (सोनेलाल) से रामपुर की स्वार विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था। वे बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन के एकमात्र मुस्लिम उम्मीदवार थे। हालांकि, उन्हें समाजवादी पार्टी के मोहम्मद अब्दुल्ला आजम खान (आजम खान के बेटे) से करीब 33,000 वोटों से हार का सामना करना पड़ा था।​

विकास एजेंडा पर जोर

हैदर अली खान ने हमेशा विकास को अपना मुख्य एजेंडा बताया है और उन्होंने कहा था कि उत्तर प्रदेश में मुसलमान एनडीए को वोट देंगे। उन्होंने यह भी कहा था कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार के दौरान मुसलमानों ने सपा शासन की तुलना में बेहतर स्थिति देखी है।

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