फ्लोरिडा/वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा है कि ईरान के नए नेतृत्व ने संयुक्त राज्य अमेरिका से युद्धविराम (Ceasefire) की अपील की है। ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि इस अनुरोध पर विचार किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए कुछ अनिवार्य और सख्त शर्तें रखी गई हैं।
ट्रंप का ‘ट्रुथ सोशल’ पर बड़ा बयान
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर जारी एक बयान में राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि ईरान का वर्तमान नेतृत्व अपने पूर्ववर्तियों की तुलना में कम चरमपंथी और अधिक समझदार प्रतीत हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि इसी बदलाव के कारण ईरान अब शांति वार्ता के लिए आगे आया है।

होर्मुज जलडमरूमध्य पर टिकी है शांति
ट्रंप ने साफ कर दिया कि युद्धविराम का कोई भी समझौता तभी संभव है जब होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पूरी तरह से खुला और सुरक्षित हो जाए। उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी दी:
“जब तक अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए यह महत्वपूर्ण मार्ग सुरक्षित नहीं होता, तब तक ईरान के विरुद्ध कड़ी सैन्य और आर्थिक कार्रवाई जारी रह सकती है।”
ट्रंप ने यह भी दोहराया कि अमेरिका का उद्देश्य ईरान में सत्ता परिवर्तन (Regime Change) नहीं, बल्कि उसे परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना था, और उनके अनुसार यह लक्ष्य काफी हद तक प्राप्त कर लिया गया है।
ईरान का पलटवार: “यह महज एक नाटक है”
दूसरी ओर, ईरान ने ट्रंप के इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। ईरानी अधिकारियों और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने सख्त लहजे में कहा कि:
- होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का पूर्ण संप्रभु नियंत्रण है।
- यह रणनीतिक मार्ग अमेरिकी दबाव या ट्रंप के किसी भी “राजनीतिक नाटक” के कारण नहीं खोला जाएगा।
- ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि स्थिति बिगड़ती है, तो वे इस मार्ग को शत्रुओं के लिए पूरी तरह बंद करने की क्षमता रखते हैं।
क्या होगा अगला कदम?
राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिया है कि अगले दो से तीन सप्ताह में ईरान के साथ चल रहे इस गतिरोध की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी। हालांकि, दोनों देशों के बयानों में भारी विरोधाभास के कारण जमीनी हकीकत अब भी अनिश्चित बनी हुई है। फिलहाल पूरी दुनिया की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या खाड़ी क्षेत्र में तनाव कम होगा या यह संघर्ष किसी नए मोड़ पर पहुंचेगा।
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