उत्तर प्रदेश की सीतापुर जेल से समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान आज रिहा हो गए हैं। उनकी 27 महीने बाद जेल से रिहाई हुई है। जेल के बाहर आजम खान को लेने के लिए उनके दोनों बेटे अब्दुल्लाह आज़म,अरीब और शिवपाल सिंह यादव पहुंचे थे।
जुमेरात के रोज़ सुप्रीम कोर्ट ने आजम खान को 2 हफ्ते के अंदर अंतरिम जमानत और संबंधित अदालत के समक्ष नियमित जमानत के लिए आवेदन करने को कहा था।
जस्टिस एल. नागेश्वर राव, जस्टिस बी. आर. गवई और जस्टिस ए. एस. बोपन्ना की पीठ ने संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपने विशेषाधिकार का इस्तेमाल करते हुए आजम खान को जमानत दी थी।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि कोर्ट के नियमित जमानत की याचिका पर फैसला करने तक वे अंतरिम जमानत पर रहेंगे। बेंच ने कहा, “संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत मिले विशेषाधिकार का इस्तेमाल करने के लिए यह उपयुक्त मामला है।”
जेल से रिहा होने के बाद अज़ाम खान को रिसीव करने आये समर्थकों का हुजूम लगा था। जैसे ही उनका क़ाफ़िला रामपुर के लिए रवाना हुआ जगह जगह आज़म खान के प्रशंसकों ने उनका ज़ोरदार स्वागत किया।
क़रीब साढ़े तीन बजे आजम खान का काफिला उनके घर के निकट मुमताज पार्क के सामने पहुंचा जहां पर कार्यकर्ताओं और समर्थकों का हुजूम पहले से ही मौजूद था। यहां पर आजम खां ने कार्यकर्ताओं और समर्थकों से करीब दस मिनट तक बात भी की। इसके बाद करीब 4:20 बजे आजम खां घर के अंदर पहुंचे और क़रीब 50 मिनट मीडिया से बातें कीं।
- बंगाल चुनाव का पहला चरण: हिंसा और ईवीएम की खराबी के बीच रिकॉर्ड 92% मतदान

- ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से होगा ‘आतंकिस्तान’ का अंत: पहलगाम हमले की बरसी पर गरजे इंद्रेश कुमार

- Operation Sindoor to Continue Until ‘Terroristan’ is Eliminated: Indresh Kumar

- जामिया मिल्लिया इस्लामिया स्कूल का कक्षा 10वीं बोर्ड रिजल्ट घोषित, छात्राएं फिर आगे रहीं

- Jamia Millia Islamia Declares Class X Results: Girls Outshine Boys with 98.65% Pass Rate

- यूनानी तिब्बी कांग्रेस की बैठक: हकीम अजमल खान के विचारों को आगे बढ़ाने और जामिया में यूनानी कॉलेज की स्थापना पर ज़ोर

- रामपुर: ताहिर फराज की याद में सजी शायरी की महफिल, देश के दिग्गज शायरों ने बांधा समां

- 16 और 17 अप्रैल 2026: जब संसद में महिला आरक्षण बिल फिर गिरा, और कांग्रेस, सपा, डीएमके व INDIA गठबंधन जिम्मेदार बने

- ईरान को झुकाना नामुमकिन, सरकार गिराने का दुश्मन का सपना हुआ चकनाचूर: राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन

